राम मंदिर भूमिपूजन का 175 को निमंत्रण, स्टेज पर होंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत ये 5 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और नृत्य गोपालदास महाराज स्टेज पर मौजूद रहेंगे.
36 आध्यात्मिक परंपराओं के 135 संतों को न्योता
यह तो वह महत्व पुर्ण लोग हें जिनको राम मंदिर भूमिपुजन मे न्योता मिला था लेकिन एक सूची वह भी हे जीस को लेकर यहा विवाद चल रहा हे की इन लोगों को क्यो नहीं बुलाया जब के यही वो लोग हे जिनकी वजहा से राम मन्दिर के मुद्दे को इतनी शक्ति मिली थी अब इन हे ही एक तरफ कर दिया ऐसा क्यो यह वोह नाम हें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती जैसे राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले प्रमुख चेहरे राम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में नदारद थे. जब इतने लोगो को न्योता दिया था तो इनहे भी बुलाया जा सकता था लेकिन नहीं बुलाया गया
चलिए ये तो यह भी हो सकता हे के पार्टी में आपसी सहमति के साथ चयान हुआ होगा की किसको न्योता दिया जाए गा किसको नहीं लेकिन राष्ट्रपति महामहिम राम नाथ कोविंद को क्यो नज़र आंदाज़ करा गया जबके वह भारत के प्रथम नागरिक हें इस समारोह मे राष्ट्रपति महामहिम राम नाथ कोविंद को न्योता ना देना उन का अपमान करने जेसा हे यह भारत की जनता का केहना ओर मान्ना हे इस बात का सोशल मीडिया से अंदाज़ा लगाया जा सकता हें कई हज़ारों मे सोशल मीडिया पै पोस्ट मिल जाए गी Twitter, Facebook, Instagram, या What'sapp हो हर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मिल जाए गी की राम मन्दिर भुमि पूजन मे राष्ट्रपति महामहिम राम नाथ कोविंद को बुलाना था उन्हें ना बुलाकर मोदी जी ने उन का अपमान करा हें ओर एक बात ओर भी बोली जा रही हें की वह दलित हे इस लिए उन्हें इस समारोह का न्योता नहीं दिया सोशल मीडिया इस तरहा की पोस्ट से भरी पडी हें कुछ पोस्टो पर नज़र डले
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महाराष्ट्र के मंत्री डॉ नितिन राउत ने भी ये सवाल उठाया है. Chairman
SC Dept. | Working President
| Energy Minister, Maharashtra Govt. | Guardian Minister, Nagpur |
महामहिम राष्ट्रपति जी को राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम से क्यों दूर रखा गया है? क्योंकि वो दलित है? आरएसएस चीफ वहां किस हैसियत से है? आस्था अपनी जगह और आत्मसम्मान अपनी जगह, भाजपा सरकार राष्ट्रपति जी का अपमान कर रही है और यह सरकार की मनुवादी सोच दर्शाता है।
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sanjay singh
AAP Party of Leader
मेरा से सीधा सवाल है -
राष्ट्रपति जी को भूमि पूजन में क्यों नहीं बुलाया गया? क्या इसलिए क्योंकि वो दलित हैं?
भाजपा इसका जवाब दे। "Anti Dalit BJP"
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Vikram Saxena
यह बात साबित हो गई है कि ऊंची जाति के मोहन भागवत का दर्जा आज की तारीख में भारत के राष्ट्रपति जो कि एक दलित है रामनाथ कोविंद से ज्यादा है। अब आप कल्पना कीजिए आज से 10 साल बाद के भारत की
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Ajay Singh Yadav
Ajay Singh Yadav. Former Minister (Haryana) of Finance, Revenue, Irrigation, PWD, Jails, Power, Forest, and Social Welfare.
मैं भाजपा की सरकार से पूछना चाहूंगा राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविंद को अयोध्या में रामलला मंदिर के शिलान्यास मैं निमंत्रण क्यों नहीं दिया जा रहा जबकि वह देश के सर्वोच्च पद पर आसीन है इसके पीछे क्या राज है प्रधानमंत्री मोदी जी
लोग इस से यह अंदेशा लगा रहे हैं के यह राम राज की बात करते हे ओर लागू मनुस्मृति कर रहे हें जीस से दालित समाज मे बहुत आक्रोश, ओर भाय का महोल हे
