बुधवार, 8 जनवरी 2025

Naik Dost Kiyo Banayai Kiya Hasil Hoga

 नेक दोस्त बनाएं क्यों ? क्या हासिल होगा?

Naik Dost (Friends) Kiyo Banaye Kiya Hasil Hoga?


नेक दोस्त दुनिया ओर आखिरत की कामयाबी का ज़रिया है!

कुरआन ओर हादीस में नेक दोस्त का होना बहुत  अहमीयत बताया है नेक दोस्त को एक नयमत से ताबिर किया है 

नेक दोस्त, नेक साथी पाने के लिए दुआ तक सिखाई गई है 


اللَّهُمَّ يَسِّرْ لِي جَلِيسًا صَالِحًا

ऐ अल्लाह मुझे नेक साथी अता फरमा 

सही बुखारी की हदीस नं 3742 का एक टुकड़ा 

यह दुआ हर मर्द ओर औरत को मांगना चाहिए बिवी को अपने नेक शोहर के लिए ओर शोहर को नेक बिवी के लिए ओर आम दोस्त के लिए 


حَدَّثَنِي مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ ، حَدَّثَنَا أَبُو بُرْدَةَ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ ، قَالَ : سَمِعْتُ أَبَا بُرْدَةَ بْنَ أَبِي مُوسَى ، عَنْ أَبِيهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ ، قَالَ : قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ :    مَثَلُ الْجَلِيسِ الصَّالِحِ ، وَالْجَلِيسِ السَّوْءِ ، كَمَثَلِ صَاحِبِ الْمِسْكِ ، وَكِيرِ الْحَدَّادِ ، لَا يَعْدَمُكَ مِنْ صَاحِبِ الْمِسْكِ ، إِمَّا تَشْتَرِيهِ أَوْ تَجِدُ رِيحَهُ ، وَكِيرُ الْحَدَّادِ يُحْرِقُ بَدَنَكَ أَوْ ثَوْبَكَ ، أَوْ تَجِدُ مِنْهُ رِيحًا خَبِيثَةً    .


کتاب خرید و فروخت کے مسائل کا بیان


Status: صحیح


✦ नबी करीम ﷺ ने फरमाया: अच्छे दोस्त और बुरे दोस्त की मिसाल इत्र बेचने वाले और लोहार की है। इत्र बेचने वाला या तो तुम्हें खुशबू देगा या तुम कम से कम खुशबू ज़रूर हासिल कर लो गे,  और लोहार या तो तुम्हारे कपड़े जला देगा या तुम्हें उसकी बदबू पहुंचेगी।" 

(सहीह बुखारी: 2101)


यह मिसाल हमें सिखाती है कि माहौल किसी इंसान की ज़िंदगी पर कितना गहरा असर डालता है। अच्छा माहौल ज़िंदगी को खुशबू से भर देता है, जबकि बुरा माहौल नुकसान और बर्बादी का सबब बन सकता है।


एक ओर हादीस में है की 

✦ अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया आदमी अपने दोस्त के दीन (तरिके) पर चलता है इसलिए तुम देख लिया करो की किसको दोस्त बना रहे हो. 

सुनन अबू दाऊद, वॉल 3 1405 (हसन) 


हदीस में जो बात कही गई है वह साबित भी होती है दोस्त दोस्त की ही आदतें अपनाता है उसी के जेसा अखलाक अदत अतवार रहन सहन चाल ढाल बोलनें का तारीका पहनने ओड़ने का तारिका सब कुछ अपनाता है इस लिए नेक ओर अच्छे दोस्त बना ना चाहिए 

अपने साथी दोस्त का चुनाव बहुत सोच समझ कर करना चाहिए दोस्त ऐसा हो जो नेक हो सालेह हो अल्लाह का फरमाबर्दार हो अच्छाइयों को फरोख देने वाला हो बुराईयों से रोकने वाला हो 


बिगड़े हुए दोस्तों के माहौल का असर

आज हमारे कई नोजवानो में बहुत सी बुरी आदतें पनप रही है वजाह ग़लत संगत 


बच्चे और नौजवान मोबाइल की बुरी लत में घिर गए हैं  📱। 

बच्चें ओर नौजवान  बुरे दोस्तों के साथ मोबाइल पर विडियो गैम खेल कर पुरा पुरा दिन गुज़ार रहे हैं 

बात सिर्फ गैम तक नहीं रही मोबाइल पर ओन लाइन जुवा सट्टा चल रहा है वह भी गैम के नाम पर 

सोशल मीडिया पर घंटों घंटो लगे रहते हैं रिल्स ओर पोस्ट देखने में वक्त बर्बाद कर रहे हैं 


मुबाइल की वजा से पढ़ाई-लिखाई का माहौल खत्म हो गया है, 


नोजवान नस्ल मोबाइल पर पहश उरयानियत गंदी फिल्में देख कर अपनी रुहा ओर जिस्म को कमज़ोर कर रही है इसे इस गंदी लत की वजा से कइ बिमारियों का सामना करना पढ़ रहा है मर्द अपनी मर्दानगी खो रहा है अपनी बिवी को सेक्सुअली सेटिस्फेक्शन नहीं दे पा रहे हैं 


बुरे दोस्तो की संगत में नौजवान होटलों और चौराहों पर वक्त बर्बाद करते हैं 🕰️। 


ग़लत दोस्त की सोहबत में अच्छे बच्चे भी गाली-गलौज और बदअखलाक बन रहें हैं 

सबसे ख़तरनाक बात ख़राब गंदे दोस्त नशावर चिज़ो का आदी बना रहे हैं यह सब बुराई आम होती जा रही है 😔।


इन बुराइयों का बहुत बुरा असर पड़ रहा है नोजवानो में गंभीरता की कमी, हालात से बेखबरी, और फिक्र की कमज़ोरी उनकी पहचान बनती जा रही है।


यह सब माहौल फितरी तौर पर हमारी नस्लों पर असर डालता है और उनकी शाहीन की परवाज़ को रोक देता है। जैसा कि अल्लामा इकबाल ने फरमाया:


परिंदों की दुनिया का दरवेश हूं मैं 

शाहीन बनाता नहीं आशियाना "



एक अच्छे माहौल की जरूरत


हमें समझना होगा कि:


अच्छा माहौल ही हमारी नस्लों को तालीम, तरबियत और तरक्की के रास्ते पर ले जा सकता है 📚🌱।


एक मिसाली कॉलोनी, जहां मस्जिदें, मदरसे, तालीम के इदारे और खेलने के मैदान हों,  नस्लों की इस्लाह का ،बेहतरीन जरिया बन सकती है।


नई नस्ल को अच्छे किरदार, हिम्मत होंसला बा किरदार बनाना ज़रूरी है तर्बियत करना ज़रूरी है और दीन-ओ-दुनिया में कामयाबी के लिए सही माहौल देना जरूरी है 


ग़लत  संगत बुरे दोस्त से दुनिया ओर आखिरत में खसारा ही खसारा है जब नुक्सान होगा दुनिया में ओर आखिरत में तो हर शख्स अपने बुरे दोस्त को कोसे गा अल्लाह ने उसी बात को कुरआन में ऐसे अंदाज़ में नक़ल किया है 


Surat No 25 : سورة الفرقان - Ayat No 28 

हाय मेरी कमबख़्ती! काश, मैंने फ़ुलाँ शख़्स को दोस्त न बनाया होता!


अगर हमारे नोजवान बुरे दोस्त ग़लत संगत की वजा से नुक्सान होगा तो किसी दोस्त को कोसने से कुछ हासिल नहीं होगा इसलिए हमे चाहिए की अब हमें ग़लत लोगों से दुर रहना चाहिए 


अच्छे दोस्त बनाना चाहिए बुरे दोस्तो से बच कर रहना चाहिए अपनी आखिरत ओर दुनिया को बचा लो